करवा चौथ कैसे मनाएं

करवा चौथ कैसे मनाएं। करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर उसकी पूजा करती हैं फिर अपना व्रत तोड़ती है।

करवा चौथ कैसे मनाएं:

इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करती है जैसे बिंदी, चूड़ी, पायल, बिछिया, मांगटीका, कमरबंद, कंगन आदि पहनती हैं। इस दिन महिलाएं खूब अच्छी तरह से सजती और संवरती हैं।

इस दिन स्पेशल पूजा की थाली सजाई जाती है बड़े ही सुंदर तरीके से।

इस त्यौहार के लिए पानी का लोटा और छलनी बहुत जरूरी होता है पूजा की थाल में रखना।

करवा चौथ व्रत विधि:

करवा चौथ व्रत शुरू होने से पहले, यानी सूर्योदय से पहले सरगी खानी होती है इसमें। सरगी में आप मिठाई, फल और सूखे मेवे खा सकती हैं।

और करवा चौथ में महिलाएं निर्जला व्रत रखती है कहने का मतलब है कि इस व्रत में पूरे दिन भर बिल्कुल भी पानी पीना नहीं होता है।

और फिर रात को चंद्रमा की पूजा करती हैं महिलाएं और फिर छलनी से चंद्रमा को देखती हैं और फिर उसी छलनी से अपने पति को देखती हैं और फिर पानी पी कर और थोड़ा कुछ खा कर अपना व्रत तोड़ती हैं।

करवा चौथ के व्रत में पति पत्नी को पानी पीला कर और कुछ खिलाकर व्रत तुड़वाता है।

करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपने पति के लंबी उम्र के लिए करती है, लेकिन यह त्योहार पति पत्नी के रिश्ते के बीच प्रेम और विश्वास को और गहरा बनाता है। इस व्रत को करने से दांपत्य-जीवन खुशियों से भर जाता है।

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