कन्या पूजन कैसे करें। नवरात्रि के समय कन्या पूजन का विशेष ही महत्व है। नवरात्रि के अवसर पर कुमारी कन्याओं को भोजन कराया जाता है ।
कन्या पूजन इसलिए किया या कराया जाता है क्योंकि कन्याओं को नवदुर्गा का रूप माना जाता है। नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन करना या करवाना बहुत ही शुभ माना जाता है और साथ ही पुण्य का काम भी माना जाता है। कन्या पूजन करने से घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
कन्या पूजन विधि:
सबसे पहले दो से नौ वर्ष की आयु की कन्या को आमंत्रित करें।
जब कन्याएं आ जाएं तब उनके पैर धोएं और आसन पर बिठाएं। और फिर उनका तिलक करें और फूल चढ़ाएं
और हो सके तो कन्याओं को चुनरी भी ओढ़ाएं।
फिर कन्याओं को आधारपूर्वक और प्यार से भोजन कराएं ।
भोजन कराने के बाद कन्याओं को कोई उपहार या दक्षिण देकर विदा करें।
कन्या पूजन के नियम:
कन्या पूजन के अवसर पर कन्याओं को शुद्ध और सात्विक भोजन ही कराएं।
कन्याओं का पूजन करते समय मन में सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखें।
कन्याओं को बिना भोजन कराएं उन्हें विदा ना करें।
और साथ ही कोई भी उपहार या दक्षिणा देकर ही विदा करें।
कभी भी कन्या पूजन करते समय कन्याओं को अपमानित न करें या उन पर क्रोधित न हों।
हमेशा अपने सामर्थ्य के अनुसार कन्याओं को भोजन कराएं और उपहार या दक्षिणा देकर ही विदा करें।

कन्या पूजन करते समय हमेशा यही समझे कि आप मां के नौ रूप की पूजा कर रहे हैं। एक तरह से यह कन्या पूजन आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। और साथ साथ ही साथ कन्या पूजन करने से आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है।